कर्मचारियों को सरकार ने दिया तोहफा, 30 मिनट से अधिक काम पर मिलेगा ओवरटाइम, जल्द लागू होंगे नियम

Jan 15, 2022

नई दिल्ली: न्यू वेज कोड लागू करने को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू होना शुरु हो गई है। बताया जा रहा है कि अप्रैल तक इस श्रम कानून (New Labour Codes) को लागू कर सकते हैं।

फिलहाल, सरकार लागू करने से पहले इसके नियमों को और ज्यादा फाइन-ट्यून करने की कोशिश कर रही है, ताकि लागू होने के बाद कोई दिक्कत हो सके। आइए जानते हैं इस कानून के लागू होने के बाद आप पर क्या असर पड़ने जा रहा है।

सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बदलाव

नौकरीपेशा लोगों के सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। कर्मचारियों की Take Home Salary में कमी करने का संकेत मिल रहा है। इसके अलावा काम के घंटे, ओवरटाइम, ब्रेक टाइम जैसी चीजों को लेकर भी नए लेबर कोड में प्रावधान हो चुका है। इसे एक-एक करके समझेंगे लेकिन सबसे पहले ये समझते हैं कि नया वेज कोड क्या होता है।

New Wage Code के बारे में जाने

सरकार ने 29 श्रम कानूनों को मिलाकर 4 नए वेज कोड तैयार कर दिया है। संसद ने अगस्त 2019 को तीन लेबर कोड इंडस्ट्रियल रिलेशन, काम की सुरक्षा, हेल्थ और वर्किंग कंडीशन और सोशल सिक्योरिटी से जुड़े नियमों में बदलाव हो गया है। ये नियम सितंबर 2020 को पास हुए थे।

ये चार कोड रखे गए हैं

-कोड ऑन वेजेज
-इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड
-ऑक्‍यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ (OSH)
-सोशल सिक्‍योरिटी कोड

एक साथ ही लागू हो जाएंगे चारों कोड

सरकारी सूत्रों के अनुसार ये सभी कोड एक साथ ही लागू हो जाएंगे। वेज कोड एक्ट (Wage Code Act), 2019 के मुताबिक, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी कंपनी की लागत (Cost To Company-CTC) के 50 परसेंट से कम नहीं की जा सकती है।

अभी कई कंपनियां बेसिक सैलरी को काफी कम करके ऊपर से भत्ते ज्यादा दिया जाता है ताकि कंपनी पर बोझ कम हो सके।

30 मिनट ज्यादा काम करने पर मिलेगा ओवरटाइम

नए ड्राफ्ट कानून में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान लागू किया गया है। मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है।

ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम नहीं करवाने का प्रावधान दिया गया है। हर पांच घंटे के बाद उसको 30 मिनट का ब्रेक देना अनिवार्य कर दिया गया है।